Sunday, 26 February 2017

!! दोस्त !!

कैसे भूलु वो दिन जो बिताए यारो के साथ,
वो कॅफेटीरिया की मस्ती,
वो यारो का प्यार,
वो जिन्दादिली,
वो यारो का साथ,
वो बाइक की रेस,
वो लड़की वाला केस, 
वो सर का डाटना, वो बंक मारना,
वो प्रॉमिस, जो प्रॉमिस रह गये,
कैसे भूलु वो दिन जो बेटाए यारो के साथ,
वो बियर पीकर टल्ली होना,
वो यारो क सांग भांगड़ा पाना,
वो बारिश की पहली बूँध,
वो बाइक की चाबी छुपा कर बोलना, अब ढूंड,
वो पहला प्यार,
वो लेना दोस्तो से पैसे उधार,
वो एग्ज़ॅम का टेंशन, वो कूल रहना का  टशन,
वो यारो के संग टुर, अब सब है मुझसे दूर,
कैसे भूलु वो दिन जो बिताए यारो के साथ |




Friday, 24 February 2017

!! मां !!

तेरी हर एक बात आज याद आती है,
तू पास नही तो, तेरी याद सताती है,
मैं कभी देखलता नही, पर तुझसे,
बहुत प्यार करता हू मां,
तेरा वो डाटना, वो धूप लगने पर,
आँचल में ढक लेना,
रात मैं नींद ना आए तो,
गोद मैं लेकर कहानी सुनना,
तेरी हर एक बात आज याद आती है,
तू पास नही तो तेरी याद सताती ह,
मेरे साथ परीक्षा मैं रात भर जागना,
मेरी खुशी के लिए सब कुछ तयाग्ना, 
कैसे चुका पाउँगा, मैं वो क़र्ज़,
वो एहसान जो तुमने मुझ पर किए है मां,
तेरी हर एक बात आज याद आती है,
तू पास नही तो तेरी याद सताती है |

Sunday, 19 February 2017

!! अर्जी !!

एक अर्जी देने दर पर आया था मलिक तेरे...
तुज़से फरियाद करने वालो की कतार बड़ी लंबी है...
मूज़े पता है दर पर तेरे रिश्वत चलती नही...
पर फिर भी, कुछ रिश्वत लेकर आया हू...
कुछ दुआए तेरे पास रखी है मेरी, ओर कुछ सजदे साथ लाया हू...
वक़्त मिले तो देख लेना अर्जी मेरी...
मैं तेरे दर पर ही ठहरा हू |

Thursday, 16 February 2017

!! माहीने !!

जो कभी सच्ची दोस्त थी...
अब महीनो, उसे मुलाकात नही होती...
ज़िंदगी के माहीने बदल गये है, शायद...
अभी भी मिलने के इंतज़ार में...
शीशों के पीछे से हसरातो से तकती है...
यादे धुंधली सी देखाई पड़ती है अब...
वो किताबो के साथ बिताई सोहबतो वाली शामे....
अब कंप्यूटर के सामने बीत जाती है |