होली का रंग बिखर रहा ह चारो ओर,
तेरा सवाल बड़ा मासूम सा लगा मुझे,
होली पर रंग लगाने के लिए रंग लाउ,
तेरे और मेरे दरमियाँ,
कभी प्यार की चुहलबाजी करते,
जो भी रंग फूट पड़े...
बस एसा रंग चाहिए,
कहीं रंग फीका ना रह जाए,
अपनी अपनी रूह से, अच्छे से घोंट लेंगे।
और बारी बारी एक ही पिचकारी से...
रंग देंगे |
तेरा सवाल बड़ा मासूम सा लगा मुझे,
होली पर रंग लगाने के लिए रंग लाउ,
तेरे और मेरे दरमियाँ,
कभी प्यार की चुहलबाजी करते,
जो भी रंग फूट पड़े...
बस एसा रंग चाहिए,
कहीं रंग फीका ना रह जाए,
अपनी अपनी रूह से, अच्छे से घोंट लेंगे।
और बारी बारी एक ही पिचकारी से...
रंग देंगे |