आज एक बहुत पुराना दोस्त मिला...
पहेले तो मैं उससे पहचान ही नही पाया...
फिर, यादो के पिटारे से धूल हटाई तो याद आया...
साथ में बिताए हुए...वो हसीन पल...
मैंने सोचा...बाकी की बाते चाय पर की जाए...
चाय पीते-पीते मैंने और यादे ताज़ा की...
उस किताब को पढ़ कर...
जो आज सफाई करते वक़्त अलमारी से मिली थी ||
पहेले तो मैं उससे पहचान ही नही पाया...
फिर, यादो के पिटारे से धूल हटाई तो याद आया...
साथ में बिताए हुए...वो हसीन पल...
मैंने सोचा...बाकी की बाते चाय पर की जाए...
चाय पीते-पीते मैंने और यादे ताज़ा की...
उस किताब को पढ़ कर...
जो आज सफाई करते वक़्त अलमारी से मिली थी ||