Wednesday, 19 August 2015

!! मेरी लड़ाई !!

आज मेरी लड़ाई हो गई,
आखों में रोष लिए,
आमने-सामने हम दोनो,
मैं ज़रा कमज़ोर था,
पर वो बलिष्ठ, बलवान था,
फिर भी हिम्मत जुटा के ललकार लगाई
दोनो बाजुएँ ऊपर सरका कर,
उसे आखे दिखाई,
वो डरता ना था, पर, 
मुझमें कही डर था,
वो मुझपे टूट पड़ा,
मैं बस बचने की जद्दोज़हद करता रहा,
पर पिटता रहा,
गुस्सा था, पर मैं कमजोर था,
गुहार लगाने से पहले ही,
घरवाले और यार दोस्त नज़र आ गए,
हिम्मत बंधी....
अब मैं बलिष्ठ और वो कमज़ोर था,
वो बचने की जद्दोज़हद करता रहा,
और मैं उसे पीटता रहा,
चित्त कर दिया |
आखिर मैं “समय” से जीत ही गया |

Thursday, 13 August 2015

!! शवयात्रा !!

हर तरफ फेला अंधियारा,
रुधन हे, चारो ओर,
टूटी जो सॅास की डोर,
हर तरफ़ हे, ये शोर,
राम नाम सत्य हे, हरी नाम सत्य हे,
राम नाम सत्य हे, हरी नाम सत्य हे,
आत्मा हो रही परमात्मा में विलीन,
विधि का विधान, या यम का प्रकोप,
देव-दूतो की हँसी के बीच,
कैसा ये शोर,
राम नाम सत्य हे, हरी नाम सत्य हे,
राम नाम सत्य हे, हरी नाम सत्य हे,
लोगो के कंधे पर बोज़ ह्मारा,
पाप-पुण्य की पोटली लिए,
चले छोड़ ये जग सारा,
अब तरफ फेला अंधियारा,
राम नाम सत्य हे, हरी नाम सत्य हे,
राम नाम सत्य हे, हरी नाम सत्य हे |