Wednesday, 26 August 2020

मलाल

 दिल में जो रंजिश ले कर चल रहे हो,

अगर माफ़ कर के आगे निकल जाए तो...

रोशन ये जहाँ उससे है,

इस गुरूर में ये जो बात्ती बैठी है,

तेल ख़त्म हो जाए तो...

बात ना कर के, ये जो दीवार खड़ी है हमारे बीच,

अगर पहल कर के बात हो जाए तो...

ये ज़िंदगी से तोहफे में मिले काटे क़ुबूल कर,

मलाल नही रहेगा, अगर अनुभव हो जाए तो...

Monday, 27 July 2020

रावण

किसी के लिए ताकत,
किसी के लिए ज्ञान,
और किसी के लिए काल हूँ,
हाँ मैं वही दशानंद रावण हूँ।

माना कि मैं गलत था,

अपने मान के लिए,
किसी औरत को उठा लाया था,
पर वह फिर भी मर्यादा पुरषोतम,
जो किसी और के कहने पर,

अपने झूठे मान के लिए,
उसे फिर वन में छोड़ आया था।

दुःख अपनी हार का नहीं,
इस बात का है,
हर साल मेरा पुतला,
वो जलाते है, जो रोज़
किसी औरत के मान को मारते है।

मैं सतयुग का राक्षस हूँ,
कलयुग का मानव नही,
शायद इस लिए, सीता को राम ने पाक ही पाया था |


किसी के लिए ताकत,
किसी के लिए ज्ञान,
और किसी के लिए काल हूँ,
हाँ मैं वही दशानंद रावण हूँ।

Wednesday, 1 January 2020

!! सफरनामा !!

इबादतो की अर्ज़िया ख़ारिज़ हो रही है, साल दर साल,
पर कल के सूरज से उम्मीद है, मेरी अरदास अभी बाकी है...

रिस्ते ख़तम हो जाए, इसलिए मेरी चिट्ठियों का जवाब नही देते,
पर मेरे हाथो में हमारे रिश्तो की लकीर अभी बाकी है...

काट के मेरे यकीन की डोर, तुम्हे घमंड हो रहा है,
पर मेरी पतंग की बहुत उड़ान अभी बाकी है...

हक़ीकतो से लड़ते-लड़ते, तक गया हू,
पर ख्वाबों में मेरे अभी जान बाकी है...

ये जो बिखरी हुई ज़मीरो की लाशो से बू आ रही है,
पर मैं खुश हू, मेरा ज़मीर अभी बाकी है...

ज़िंदगी के उलज़नो में, उलाज गया हू मैं,
पर फिर से सुलझाने का हौसला अभी बाकी है...