Saturday, 4 July 2015

!! शिवा !!

माथे पर हे चंद्र लगाये,
तन पर आपने भस्म रमाये,
साप से श्रृंगार रचाये,
अखंड योग में लिन हे वो,
शिव शम्भो, शिव शिव शम्भो...
शिव शम्भो...

No comments:

Post a Comment